-ई-कॉमर्स कंपनी की वेबसाइट से खरीदारी करने वाले होते थे निशाने पर
-दस मोबाइल फोन 20 हजार रुपये बरामद, दो लोग फरार
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाकर पांच राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने शक्ति खंड-तीन के मकान में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर एक युवती समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से दस मोबाइल, 20 हजार रुपये और महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं। गिरोह ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलांगना, राजस्थान और गुजरात में ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि साइबर अपराध पोर्टल के जरिए साइबर ठगी के हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए थे। सोमवार को पुलिस ने शक्ति खंड-तीन स्थित मकान नंबर 49 पर छापा मारा। मकान में फर्जी कॉल सेंटर संचालित हो रहा था। मौके से दिल्ली के करावल नगर निवासी खुशी, बिहार के पश्चिमी चंपारण के जगीराह निवासी राजू कुमार, संत कबीर नगर के खलीलाबाद निवासी आदित्य उर्फ प्रकाश यादव, बुलंदशहर के स्याना निवासी विराट चौधरी, मेरठ के परीक्षितगढ़ निवासी आशीष और गौतमबुद्ध नगर निवासी पंकज शर्मा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार हुए आरोपियों ने बताया कि सभी आपस में दोस्त हैं। अक्तूबर 2025 में सभी ने एक साथ साइबर ठगी करने का काम शुरू किया था। आरोपी सामान्य सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। गिरोह ने आठ महीने में राजस्थान के जोधपुर निवासी श्याम लाल भाटी, तेलंगाना के साइबराबाद निवासी गोवर्धन रेड्डी, उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली रिध्दि आहूजा, गुजरात के मोरबी निवासी खुशबू अग्रवाल, दिल्ली के रोहिणी निवासी शालिनी संतोष, तेलंगाना के मलकाज गिरी के रहने वाले स्वामी प्रसाद और गुजरात के गांधी नगर निवासी मयूरध्वज सिंह शोढ़ा को शिकार बनाकर 2.05 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। ठगी की इन वारदातों में सबसे ज्यादा रकम 57 हजार रुपये आरोपियों ने गोवर्धन रेड्डी के खाते से निकाले थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्हें ई-कॉमर्स कंपनी की वेबसाइट पर खरीदारी करने वालों की सूची बिहार का रहने वाला सिद्धार्थ मुहैया कराता था। सभी एक ही कमरे में बैठकर अलग-अलग मोबाइल से लोगों को कॉल करते और साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
--ऐसे करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में पता चला कि सिद्धार्थ उन्हें ई-कॉर्मस कंपनियों की वेबसाइट से खरीदारी करने वालों का ताजा डाटा देता था। जिसमें ऑर्डर का समय तक होता था। कुछ मिनट पहले ऑर्डर करने वालों को फोन करके वह भुगतान नहीं होने की बात कहकर झांसे में लेते थे। इसके अलावा रिफंड कराने, पार्सल बुकिंग करने के नाम पर ठगी करते थे। यहां तक कि विज्ञापन के नाम पर तक लोगों के खाते आरोपियों ने खाली कर दिए थे। कई बार आरोपी एपीके फाइल भेजकर ठगी को अंजाम देते थे।
--दंपति ने बनाया गिरोह, पत्नी की तलाश जारी
सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी दिल्ली-एनसीआर में अलग-अलग कंपनियों में नौकरी करते हैं। नौकरी के दौरान ही सभी की आपस में मुलाकात और दोस्ती हुई। अक्तूबर 2025 में संतकबीर नगर के खलीलाबाद निवासी आदित्य उर्फ प्रकाश यादव और उसकी पत्नी काजल ने ठगी करने के लिए गिरोह बनाया था। आदित्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। काजल और डाटा उपलब्ध करवाने वाले सिद्धार्थ की तलाश की जा रही है।
--वर्जन--
बरामद हुए मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा जिससे और तथ्य सामने आ सकें। सिद्धार्थ और काजल की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। सिद्धार्थ की गिरफ्तारी के बाद अन्य बातें या साइबर ठगी के कई मामलों का खुलासा हो सकता है।
--सूर्यबली मौर्य, एसीपी इंदिरापुरम