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Wednesday, Aug 05, 2026
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गाज़ियाबादअपराध

हिन्दू कर्मचारी ने मुसलमान की फैक्टरी में फंदा लगाकर जान दी

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-मुस्लिम फैक्टरी संचालक पर हिन्दू कर्मचारी के उत्पीड़न का आरोप

-सांप्रदायिक और जातिगत टिप्पणी का आरोप, वेतन भी पूरा नहीं देने का आरोप

सूर्या बुलेटिन

गाजियाबाद। लोनी बार्डर थाना क्षेत्र स्थित एक मुस्लिमक संचालक की  फैक्टरी में एक हिन्दू कर्मचारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक के भाई ने थाने में फैक्ट्री मालिक पर उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

कन्नौज के तालाबकला निवासी विक्की यादव ने इस मामले में थाने पर तहरीर दी है। विक्की ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 8 वर्षों से आर्य नगर स्थित शाह आलम की सुपर फाइन फैक्टरी में काम कर रहे थे। लगभग एक वर्ष पूर्व उनका छोटा भाई शिवम यादव (21 वर्ष) भी इसी फैक्टरी में नौकरी पर लगा था। विक्की ने बताया कि उनकी पत्नी के प्रसव के कारण वे छुट्टी लेकर घर गए हुए थे, जिसके बाद शिवम भी घर आया था। घर में बेटे के जन्म के कार्यक्रम के दौरान फैक्टरी मालिक शाह आलम ने विक्की के खाते में ₹10,000 एडवांस भेजे थे और ₹1,000 उनके भाई शिवम को भी दिए थे। पारिवारिक कारणों से विक्की समय पर वापस काम पर नहीं लौट पाए, लेकिन उनका छोटा भाई शिवम 25 जुलाई 2026 को वापस फैक्टरी पहुंच गया। 29 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 10 बजे शिवम ने उन्हें फोन कर रोते हुए बताया कि फैक्टरी मालिक उसे जान से मारने की धमकियां दे रहा है। विक्की ने उसे ढांढस बंधाया कि वह एक-दो दिन में फैक्ट्री पहुंचकर मामला सुलझा देगा। लेकिन, उसी दिन शाम करीब 7 बजे फैक्ट्री के एक कर्मचारी रामबाबू ने विक्की को फोन कर सूचना दी कि शिवम ने फैक्ट्री की चौथी मंजिल पर बने कमरे में फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे, जहां शिवम मृत अवस्था में मिला। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारियों ने दबी जुबान में बताया कि फैक्ट्री मालिक शाह आलम मृतक शिवम को उसके वेतन के पूरे पैसे भी नहीं देता था और बकाया पैसों को लेकर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। 

विक्की ने बताया कि फैक्टरी मालिक शाह आलम द्वारा लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना, गाली-गलौज, वेतन रोकने, धमकियों और सांप्रदायिक व जातिगत दुर्भावना के कारण ही उनके छोटे भाई ने आत्मघाती कदम उठाया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी फैक्टरी मालिक व अन्य संबंधितों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध फैक्ट्री को तुरंत सील किया जाए।

--मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में जातिगत टिप्पणी और धमकी का आरोप

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस इलाके में यह फैक्टरी स्थित है, वह पूरा क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य है। फैक्टरी कर्मियों का आरोप है कि इस माहौल का फायदा उठाकर आरोपी शाह आलम मृतक पर अत्यंत आपत्तिजनक जातिगत और सांप्रदायिक टिप्पणियां करता था। आरोप है कि वह अक्सर शिवम से कहता था, "तुम यादवों ने मुसलमानों को यूपी में बहुत चूतिया बनाया है, तुम्हें तो मैं सबक सिखा कर रहूंगा।" इसके साथ ही शिवम के बीमार होने के बावजूद उसे धमकी दी गई थी कि यदि वह ड्यूटी पर नहीं आया तो उसे ऊपर से नीचे फेंक दिया जाएगा।
--सुरक्षा, अग्निशमन और लेबर कानूनों की उड़ी धज्जियां
इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के घनी आबादी वाले हिस्से में यह फैक्टरी पूरी तरह से अवैध रूप से चलाई जा रही है। फैक्टरी में न तो श्रमिकों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम हैं और न ही अग्निशमन (फायर सेफ्टी) के मानकों का पालन किया गया है, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है। इसके साथ ही श्रम विभाग के नियमों (लेबर कानून) का उल्लंघन कर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए धड़ल्ले से काम चल रहा है। इस पूरे प्रकरण में स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही और पुलिस की लचर कार्यवाही पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर रिहायशी इलाके में बिना अनुमति इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी।

 

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