-विक्रम एंक्लेव एक्सटेंशन में बुधवार दोपहर की वारदात
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर शराब पीने के लिए 20 रुपये नहीं लौटाने पर युवक ने दिनदहाड़े दोस्त को चाकू घोंपकर मार डाला। वारदात विक्रम एंक्लेव एक्सटेंशन की है, जिसे अंजाम देकर आरोपी फरार हो गया। गुस्साए लोगों ने चौकी का घेराव कर जमकर हंगामा किया और आरोपी के एनकाउंटर की मांग की।
विक्रम एंक्लेव एक्सटेंशन निवासी 22 वर्षीय मुश्ताक अली पुत्र संजू कबाड़ बीनने का काम करता था। परिवार में उनकी पत्नी सायरा, दो साल का बेटा मुस्तकीम, नौ माह की बेटी सायरा और उसकी मां है। पुलिस के अनुसार मुश्ताक अली पहले दिल्ली की सीमापुरी में रहता था और वहां रहने वाले समीर उर्फ गट्टू से दोस्ती थी। दोनों कबाड़ बीनने का काम करते थे और दोनों के बीच रुपयों का लेनदेन भी होता था। लगभग 20 दिन पहले समीर ने भी विक्रम एंक्लेव एक्सटेंशन में किराए पर मकान लिया था। इसके बाद वह यहां काम की तलाश कर रहा था। समीर शराब पीने का आदी है। बुधवार दोपहर में लगभग डेढ़ बजे समीर मुश्ताक के पास पहुंचा और 20 रुपये वापस मांगने लगा। उसने कहा कि शराब पीनी है और रुपये कम पड़ रहे हैं। मुश्ताक ने रुपये नहीं होने की बात कही। इस पर दोनों में बहस हो गई और दोनों गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच समीर ने चाकू निकालकर मुश्ताक पेट में घोंप दिया। मुश्ताक लहूलुहान होकर वहीं गिर गया और समीर मौके से भाग निकला। चीख पुकार मचने पर परिजन मुश्ताक को तुरंत दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान मुश्ताक की मौत हो गई। मुश्ताक की मौत की सूचना जैसे ही कॉलोनी में पहुंची तो कॉलोनी वासियों में आक्रोश फैल गया। कॉलोनी वासियों ने विक्रम एंक्लेव पुलिस चौकी का घेराव कर लिया और आरोपी के एनकाउंटर की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की दो टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
--आर्थिक सहायता और आरोपी के एनकाउंटर की मांग
पुलिस चौकी पर हंगामा करने वाले कॉलोनी वासियों ने मुश्ताक के दो छोटे बच्चों का हवाला देते हुए परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। लोगों का कहना था कि मुश्ताक घर में अकेला कमाने वाला था और अब उसके परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति हो जाएगी। वहीं, हंगामा करने वालों ने हत्यारोपी के एनकाउंटर की भी मांग की। लोगों का कहना था कि महज बीस रुपये के लिए किसी की हत्या करने वाले को वैसी ही सजा मिलनी चाहिए। पुलिस ने मौके पर पुहंचे स्थानीय पार्षद की मदद से किसी तरह से हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। बताया जा रहा है कि हत्यारोपी से मुश्ताक ने कुछ समय पहले 20 रुपये लिए थे। वह उधार दिए रुपये लौटाने के लिए कह रहा था।
--होश संभालने से पहले सिर से उठा पिता का साया
मुश्ताक के दो छोटे बच्चे हैं, जिन्हें शायद अभी सही से बोलना भी नहीं था, लेकिन होश संभालने से पहले ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया। कॉलोनी वासियों में इस बात को लेकर ज्यादा आक्रोश था। जिन बच्चों ने पिता का दुलार तक नहीं समझा, उन्हें अब कभी पिता का सहारा नहीं मिल सकेगा। कॉलोनी वासियों का कहना था कि दोनों बच्चे अबोध हैं, मां और दादी घर पर ही रहती हैं।