-तीन जुलाई को हरियाणा के कारोबारी से ठग लिए थे दस लाख रुपये
-पुलिस ने 17 जुलाई को मुकदमा दर्ज कर 18 जुलाई को दो ठग पकड़ने का दावा किया
-पीड़ित ने तीन जुलाई को ही थाने पर दी थी तहरीर
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। गाजियाबाद कमिश्नरेट की पुलिस पुराने ढर्रे पर लौटती नजर आ रही है। पुराना ढर्रा यानी फरियादियों की गुहार न सुनना और मुकदमा दर्ज न करना पड़े इसका प्रयास करना। चोरी, लूट और झपटमारी के मामलों में मुकदमा दर्ज करने में पुलिस जबरन देर करती है। कई मामलों में तो दो से तीन महीने बाद मुकदमा दर्ज किया जाता है। पुलिस तर्क देती है कि पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत की थी, जिसके कॉपी थाने पर नहीं पहुंच सकी। जबकि इस तरह के अधिकांश मामलों में डायल-112 पर भी फोन किया जाता है। ताजा मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र का है। सस्ता सोना दिलवाने के नाम पर कारोबारी से दस लाख रुपये की ठगी कर ली गई। घटना तीन जुलाई की है और पीड़ित ने उसी दिन पुलिस को सूचना और तहरीर दे दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने 17 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया और 18 जुलाई को वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा का दिया। चर्चा इस बात की है कि पुलिस जब ठगों को दबोच लिया, तब मुकदमा दर्ज किया। यदि पुलिस ठगों तक पहुंच नहीं पाती तो मुकदमा भी दर्ज नहीं करती।
--ये है मामला
बाजार रेट से सस्ता सोना खरीदने के झांसे में आकर हरियाणा के चक्करपुर निवासी तपश दास ने दस लाख रुपये गंवा दिए। इंस्टाग्राम पर जालसाजों ने फर्जी विज्ञापन प्रसारित कर पीड़ित को जाल में फंसाया। सोना लेने के लिए साहिबाबाद क्षेत्र में बुलाया और दस लाख के असली नोट को नकली नोट से बदलकर भाग गए। पुलिस ने नितेश बंसल, विजय उर्फ राजू, आदित्य दुबे, सुशील कुमार और आदर्श नाम के व्यक्तियों पर 17 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया। वहीं, पुलिस ने 18 जुलाई को दो आरोपी बुलंदशहर के डिबाई स्थित सराय बेरूनी निवासी सुशील कुमार और दिल्ली के कालिंदी कुंज स्थित जैतपुर एक्सेंशन पार्ट 2 के रहने वाले आदर्श को गिरफ्तार कर लिया। दर्ज मामले में पीड़ित ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर उन्होंने जानकारी की। इसके बाद उनके व्हाट्सएप पर एक अप्रैल को नितेश बंसल नाम के व्यक्ति की कॉल आई। उसने 100 ग्राम 24 कैरेट सोना 11 लाख रुपये में दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद सोने की जांच की बात कहते हुए साहिबाबाद बुलाया। यहां सोने की ईंट दिखाकर बाजार में जांच कराने का भरोसा दिलाया। बातों के जाल और भरोसे में फंसाने के बाद आरोपियों ने तीन जुलाई को रुपये लेकर दोबारा साहिबाबाद बुलाया। बताया कि वह अपने दोस्त के साथ आरोपियों की बताई जगह राजेंद्र नगर गोल चक्कर के पास पहुंचे। यहां विजय उर्फ राजू नामक व्यक्ति उनकी कार में बैठ गया। गाड़ी के अंदर उसने 11 लाख रुपये के नोट गिनने का नाटक किया। इस दौरान आरोपी ने असली नोट को नकली नोट से बदल दिया और पूरी रकम लेकर गाड़ी से उतर गया। यह कहते हुए कि वह सोना लेकर आ रहा है। काफी देर इंतजार के बाद भी आरोपी नहीं आए। तब उन्हें टप्पेबाजी का शक हुआ और पुलिस से शिकायत की।
--10 लाख आपस में बांटे, भारतीय मनोरंजन बैंक लिखे नोट थमाए
तपेश दास ने तीन जुलाई को ही साहिबाबाद थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने 17 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया। अधिकारियों का दावा है कि 18 जुलाई को पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो आरोपी बुलंदशहर के डिबाई स्थित सराय बेरूनी निवासी सुशील कुमार और दिल्ली के कालिंदी कुंज स्थित जैतपुर एक्सेंशन-दो निवासी आदर्श को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने ठगी की बात स्वीकार की है। प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों पूछताछ में बताया कि वे नितेश बंसल, विजय उर्फ राजू और आदित्य दुबे के साथ इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं। असली नोट के बदले आरोपी भारतीय मनोरंजन बैंक लिखे नकली नोट पीड़ितों को थमाते थे। ठगे गए दस लाख रुपये उन्होंने आपस में बांट लिए थे। गिरोह के बाकी तीन सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
--वर्जन
तीनों आरोपियों की तलाश जारी है। गैंग ने पहले कितने लोगों से टप्पेबाजी की है और कितनी रकम हड़पी है इसकी जांच चल रही है। जल्द ही बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। उनकी तलाश में पुलिस की टीमों को राजस्थान और दिल्ली भेजा गया है। जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
--अमित सक्सेना, प्रभारी एसीपी साहिबाबाद