-विकराल आग ने सोसाइटी के 21 फ्लैट को लिया चपेट में
- 7 पूरी तरह हुए राख, 9 फ्लैटों में जला लाखों का सामान, 5 की झुलसी बालकनी
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अभय खंड एक स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू के डी ब्लॉक में आग कैसे लगी इसे लेकर प्रशासन और दमकल की जांच जारी है। फ्लैट में पिछले पांच साल से लकड़ीका काम चल रहा था और फिलहाल सफाई का काम जारी था। जिसके चलते फ्लैट में पेंट, थिनर और लकड़ी की पॉलिश काफी मात्रा में थी। जिसके कारण आग भड़की और सोसाइटी के 21 फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया।
गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी का फ्लैट डी-943 पर राजा मानसिंह के भाई के वंशज कमल पालीवाल के पास है। सोसाइटी निवासियों के अनुसार कमल पालीवाल पिछले लगभग पांच साल से फ्लैट में लकड़ी का काम करवा रहे थे। वह फ्लैट के बाहर गैलरी में भी लकड़ी का काम करवाना चाहते थे, जिससे फ्लैट का प्रवेश रजवाड़े जैसा लगे। लेकिन, पड़ोसियों ने इस पर आपत्ति जताई थी। जिसके कारण उन्होंने फ्लैट की बाहरी दीवार और छत पर लकड़ी का काम करवाया था। फ्लैट से रसोई को हटाकर बालकनियों को भी अंदर ही ले लिया गया था। फ्लैट अंदर से रजवाड़े का महल और किसी प्राचीन मंदिर जैसा प्रतीत होता था। फ्लैट के बीच वाले कमरे में बड़ा हवन कुंड बनवाया गया था। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि हवन कुंड वाले कमरे में अजंता की गुफाओं जैसी लकड़ी की कलाकृतियां भी बनवाई गई थीं। अब कुछ दिनों में ही कमल पालीवाल वहां रहकर अपना काम शुरू करने वाले थे। उन्होंने रहने के लिए दूसरा फ्लैट ले रखा था। इस फ्लैट में वह अपना ज्योतिष का काम बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते थे। फ्लैट में काम पूरा हो चुका था और उसकी सफाई और लकड़ी को निखारने का काम चल रहा था। जिसके चलते फ्लैट में भारी मात्रा में पेंट, थिनर और लकड़ी की पॉलिश मौजूद थी। तीनों ही पदार्थ बेहद ज्वलनशील हैं। फ्लैट में आग लगने के बाद पेंट, थिनर और पॉलिश ने आग पकड़ी और आग बेहद तेजी से भड़कती चली गई। जिसकी चपेट में सोसाइटी के 21 फ्लैट आ गए। इनमें से 12 फ्लैट बुरी तरह से जल गए। आग की लपटें सी ब्लॉक के फ्लैटों तक भी पहुंची और छह फ्लैटों की बालकनी के शीशे टूट गए व कुछ सामान भी झुलस और जल गया। तीन फ्लैट आंशिक रूप से जले हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि फ्लैट में पेंट, थिनर, पॉलिश काफी मात्रा में था। पूरे फ्लैट में और बाहर तक लकड़ी का काम हुआ था। लकड़ी और ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैली। आग कैसे लगी, इसकी अभी जांच की जा रही है। प्राशासनिक टीम शनिवार को सोसाइटी पहुंचेगी। टीम आग लगने के कारणों की जांच करने के साथ ही वहां से सेंपल भी लेगी।
-दमकल वाहन डी ब्लॉक इमारत तक पहुंच ही नहीं सके थे
गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में लगी आग को बुझाने में हुई देरी के कारणों की जांच जारी है। हालांकि दमकल विभाग अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंप चुका है, लेकिन उसमें आग बुझाने में हुई देरी को लेकर कुछ नहीं कहा गया है। दमकल वाहन सोसाइटी के डी ब्लॉक तक पहुंच ही नहीं सके थे। यहां तक कि हाइड्रोलिक प्लेटफार्म के जरिए भी दमकल विभाग आग तक पानी नहीं फेंक सका था।
सोसाइटी में आग सुबह सवा आठ बजे लगी और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर नौ बजे के बाद पहुंच सकीं। इसके बाद भी आग पर पूरी तरह से काबू पाने में दमकल विभाग को तीन घंटे से ज्यादा का समय लगा। दमकल की गाड़ियां सोसाइटी के डी ब्लॉक तक पहुंच ही नहीं सकी थी। डी ब्लॉक के सामने सोसाइटी की पार्किंग का प्रवेश द्वार और स्पोर्ट्स कांप्लेक्स है। जिसके कारण दमकल की गाड़ियां डी ब्लॉक से काफी दूर ही ठहर गईं। तमाम प्रयासों के बाद भी दमकल की गाड़ियों से आग पर पानी नहीं फेंका जा सका। इसके अलावा गाजियाबाद और नोएडा से मंगाए गए 42 मीटर वाले हाईड्रोलिक प्लेटफार्म के जरिए भी आग तक पानी नहीं पहुंचाया जा सका। सोसाइटी का अग्निशमन संयंत्र यदि खराब होता तो डी ब्लॉक के अलावा सी ब्लॉक के कई और फ्लैट आग की चपेट में आ जाते। सोसाइटी के दमकल संयंत्र के जरिए दमकल विभाग ने आग पर काबू पाना शुरू किया, लेकिन उसके हौज पाइप की लंबाई कम पड़ गई। इतना ही नहीं पाइप कई जगह से लीक भी हो रहे थे। जिसके कारण आग पर पूरी क्षमता से पानी नहीं डाला जा सका। दमकल विभाग ने सभी गाड़ियों से सोसाइटी के संयंत्र में पानी भरा और उसे लगातार प्रयोग करते रहे। दमकल की कई गाड़ियां बाहर से भी कई बार पानी लाईं।
--22 हजार लीटर का वाटर टेंडर आया काम
दमकल विभाग को हाल ही में 22 हजार लीटर का सबसे अधिक पानी की क्षमता वाला वाटर टेंडर मिला है। इस डेंटर को भी दो से तीन बार बाहर से भर कर मगंया गया और सोसाइटी के संयंत्र में पानी डाला गया। यहां तक कि आग पूरी तरह से बुझने के बाद भी दमकल विभाग ने दोबारा से टेंडर को भरकर मंगाया और संयंत्र में पानी डाला।
-दमकल विभाग के पास संसाधन
दमकल विभाग संसाधनों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। जिले की लगभग 50 लाख आबादी पर दमकल के महज 135 अधिकारी और कर्मचारी ही हैं। इसके अलावा दमकल विभाग के पास केवल 25 ही वाहन हैं। बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर उसे बुझाने के लिए दमकल विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। संसाधनों की लंबे समय से मांग की जा रही है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल का कहना है कि शासन से जल्द ही और संसाधन और कर्मचारी मिलेंगे।
--दमकल विभाग के पास संसाधन
वाहन क्षमता संख्या
वाटर बाउजर- 22 हजार लीटर- 1
वाटर बाउजर- 14 हजार लीटर- 1
फायर टेंडर- 5 हजार लीटर- 10
फायर टेंडर- ढाई हजार लीटर- 3
फोम टेंडर- 2
हाई प्रेशर मशीन- दो हजार लीटर -3
प्रेशर वाटर फिस्ट- एक हजार लीटर- 3
हाइड्रोलिक प्लेटफार्म- 42 मीटर- 1
-दमकल विभाग में स्टाफ की स्थिति
इतने पद नियुक्ति रिक्त
फायमैन 112 91 21
लीडिंग फायरमैन 18 12 6
वाहन चालक 27 27 0
एफएसएसओ 8 4 4
एफएसओ 4 1 3
सीएफओ 1 1 0