-पुलिस हत्या को हादसे में बदलने का करती रही प्रयास
-सड़क पर लहूलुहान पड़े युवक को देखती रही पुलिस, नहीं ले गई अस्पताल
-लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाया तो बुलाई एंबुलेंस, दो घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा युवक
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में शराब कैंटीन के अंदर एक बॉडी बिल्डर पर लाठी, डंडा और सरिया से हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस हमले में बॉडी बिल्डर लहूलुहान हो गया। उसके साथ मौजूद दोस्त अपनी कार से अपने घर निकल गया, वहीं खून से लथपथ हालत में बॉडी बिल्डर स्कूटी से अपने घर के निकल दिया, लेकिन अधिक खून बहने से वह रास्ते में ही स्कूटी खड़ी कर लेट गया। जहां पर उसकी हालत बिगड़ती चली गई। एक सोसाइटी के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। जल्द ही अस्पताल पहुंचाने की मिन्नत करते रहे। जैसे-तैसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर अगले दिन उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
सेक्टर-3, वैशाली निवासी हेमा राजपूत ने बताया कि उनके भाई ओम राज राजपूत(29) को जिम करने का शौक था, वह बॉडी बिल्डर बनना चाहता था। 23 मई को रविवार की रात भाई ने पार्टी करने का प्लान बनाया था। इसके लिए अपने दोस्त राहुल छाबरा से संपर्क किया था। दोनों इंदिरापुरम शुक्र बाजार चौक के पास मचान नाम के रेस्टोरेंट पर गए। उन्होंने बताया कि वहां पर शराब भी पिलाई जाती है। उन्होंने बताया कि रात करीब 11.37 बजे उनके भाई पर सरिया, डंडा, हॉकी और बैट आदि लेकर पांच लोगों ने हमला कर दिया। भाई के दोस्त को भी आरोपियों ने मारा। दोस्त अपनी कार से चला गया, लेकिन भाई को आरोपियों ने मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। उसी हालत में भाई अपनी स्कूटी से घर के लिए निकल दिया था। वहां से सौ मीटर दूरी पर एक क्लब के पास रुका। थोड़ी देर बाद वहां से भी चल दिया, वह सेक्टर-4 शॉपरिक्स मॉल के पास अतुल्य हाईट्स सोसाइटी रुका और गिर गया। सोसाइटी के लोगों ने भाई के घायल होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पुलिस वाले पहुंचते हैं। सोसाइटी के लोग कहते हैं कि इसे हॉस्पिटल लेकर जाओ। बमुश्किल से पुलिस ने भाई को रात करीब 1.20 यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर 24 मई की शाम को भाई ने दमतोड़ दिया।
-केस दर्ज कराने के लिए काटते रहे चक्कर, पुलिस एक्सीडेंट दिखाने में लगी रही
पीड़ित बहन ने बताया कि वह कौशांबी और इंदिरापुरम थाने का तीन दिनों से चक्कर लगा रही थी। वह कह रही थी कि उनके भाई का मर्डर किया गया है, लेकिन पुलिसकर्मी ड्रिंक एंड ड्राइव के दौरान एक्सीडेंट का केस दिखाने की कोशिश में लगे रहे। किसी ने उनके मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में उसने पुलिसकर्मियों से कहा कि रेस्टोरेंट के सीसीटीवी देखो, तभी पता चलेगा। पुलिस ने उनके साथ पहुंचकर रेस्टोरेंट के सीसीटीवी कैमरे देखे, जिसमें उनके भाई पर पांच लोग हमला करते दिख रहे हैं। वह सरिया, डंडों और बैट से पीट रहे हैं। वहां पर उनके भाई की घड़ी और फोन गिर गया था, जो बाद में उन्होंने खुद होटल में जाकर एक कर्मचारी से लिया।
-भाई ने 112 नंबर पर तीन बार कॉल किया, समय पर मिलता इलाज, तो बच जाती जान
पीड़िता हेमा ने बताया कि जब भाई को आरोपी पीट रहे थे, उसके बाद उनके भाई ने अपने फोन से पुलिस कंट्रोल रूम यानि 112 नंबर पर तीन बार कॉल की। एक बार 25 सेकंड बात भी हुई, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा। यदि पुलिस समय पर उनके भाई की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंच जाती और उसे तत्काल हॉस्पिटल में भर्ती करा देती, तो उसे समय से इलाज मिल जाता। हो सकता है कि उनके भाई की जान बच जाती।
--वर्जन
परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में केस पंजीकृत कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्राप्त सबूतों के आधार पर दो आरोपी वैभव मिश्रा और आदित्य कुमार को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया है। अग्रिम वैद्धानिक कार्रवाई की जा रही है। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं, फिर भी वह अपने स्तर से मामले की जांच कराएंगे।
-अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम