-इलैक्ट्रिक कार से साथ बिजली पैनल और मीटर भी आए चपेट में
-दमकल की दो गाड़ियों ने बीस मिनट में पाया आग पर काबू
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। लिंक रोड थाना क्षेत्र के सूर्य नगर में एक चार मंजिला इमारत के भूतल पर बनी पार्किंग में खड़ी इलेक्ट्रिक कार में मंगलवार की देर रात चार्जिंग के दौरान अचानक आग लग गई। आग ने पास में लगे बिजली पैनल को भी चपेट में ले लिया। जिसके बाद पूरी इमारत में धुआं भर गया और वहां रहने वाले छह परिवारों के 18 लोग इमारत में ही फंस गए। उन्होंने किसी तरह पड़ोस वाली इमारत के जरिए निकलकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने आधा घंटे में आग पर काबू पाया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
सूर्य नगर की रामपुरी कॉलोनी के एक ब्लॉक में भूखंड संख्या 77 पर चार मंजिला इमारत बनी है। भूतल पर पार्किंग है और ऊपर की तीन मंजिलों पर फ्लैट बने हैं। प्रत्येक मंजिल पर तीन फ्लैट हैं। पहली और दूसरी मंजिल पर बने फ्लैटों में छह परिवार रहते हैं। मंगलवार की रात पहली मंजिल पर रहने वाले गारमेंट कारोबारी सुकेश गुप्ता ने दिल्ली स्थित दुकान से लौटने के बाद अपनी इलेक्ट्रिक कार को पार्किंग में खड़ी करके चार्जिंग पर लगाया था। रात में लगभग डेढ़ बजे इमारत में रहने वाले दिल्ली पुलिस के मुख्य आरक्षी सेती सिंह घर वापस लौटे थे। उन्होंने भी अपनी कार पार्किंग में लगाई और फ्लैट में चले गए। खाना खाने के बाद लगभग दो बजे उन्होंने देखा कि पार्किंग से धुआं निकल रहा है। फ्लैट से झांककर देखने पर कुछ पता नहीं चला, लेकिन आग की ऊंची लपटें और धुआं उठता हुआ नजर आया। जिसके बाद उन्होंने इमारत में रहने वालों को जगाया और दमकल को फोन किया। आग इमारत में आने वाली सीढ़ियों के पास खड़ी कार में लगी थी और आग की ऊंची लपटें उठ रही थीं। जिसके कारण सभी लोग किसी तरह से सीढ़ियों से छत की ओर भागे। छत पर पहुंचने के बाद पास वाली इमारत की छत पर सीढ़ी लगाकर उस पर उतरे और बाहर निकले। इस दौरान दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मचारियों ने देखा कि इलेक्ट्रिक कार और बिजली पैनल में आग लगी थी। जिसके बाद बिजली सप्लाई बंद करवाई गई और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि लगभग आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। आग से इलेक्ट्रिक कार, सीढ़ियों के नीचे लगा बिजली पैनल और बिजली के मीटर जलकर राख हो गए। उन्होंने बताया कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, लेकिन शुरुआत बिजली पैनल से हुई या कार से, इसकी जांच की जा रही है। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। इमारत में फंसे सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए थे।
-दहशत का एक घंटा
गारमेंट कारोबारी सुकेश गुप्ता ने बताया कि उनके परिवार में माता-पिता, बेटा, बहु और बेटियां हैं। आग लगने की जानकारी होने पर इमारत में रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। पार्किंग से उठता गाढ़े धुआं पूरी इमारत में भर रहा था और लोगों को सांस लेने परेशानी हो रही थी। आग साढ़ियों के पास में लगी थी और ऊंची लपटों के कारण वहां से किसी का निकलना संभव नहीं था। उन्होंने अपने परिवार समेत इमारत में रहने वाले सभी लोगों को छत की ओर से भेजा और खुद इमारत के आगे की ओर बनी बालकनी से सीढ़ी लगाकर नीचे उतरे। नीचे उतरने पर उन्होंने देखा कि आग उनकी ही कार में लगी थी।
--एसी के लिए बने रास्ते से बाहर निकले
उनके पड़ोस में रहने वाले दिल्ली पुलिस मुख्य आरक्षी सेती सिंह की पत्नी आवेदिका ने बताया कि वह रसोई में थी, तब उन्हें नीचे से आग की लपटों जैसी रोशनी दिखी। यह बात उन्होंने पति को बताई और खिड़की से बाहर झांककर देखा। फ्लैट का दरवाजा खोलने ही हिम्मत नहीं हुई। नीचे पार्किंग से आग की लपटें दिख रही थीं। ऐसे में उन्हें समझ में नहीं आया कि बाहर से कैसे निकलें। उनके पति ने एसी के लिए बनाए गए रास्ते से उन्हें उनके पांच वर्षीय बेटे और भाई को बाहर निकाला। जिसके बाद वह सीढ़ियों के जरिए छत पर पहुंचे और पास वाली इमारत की छत पर सीढ़ी लगाकर वहां से बाहर निकले।