-गाजियाबाद में दमकल विभाग ने शुरु किया होटलों की जांच का अभियान
सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। दिल्ली के मालवीय नगर में होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत के बाद भी गाजियाबाद के होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस संचालकों ने कोई सबक नहीं लिया है। गुरुवार को दमकल विभाग की जांच में चार होटल, रेस्तरां में आग बुझाने के संसाधन सही नहीं पाए गए। सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, दमकल विभाग ने गुरुवार को 23 होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस की जांच की और दमकल संयंत्र व उपकरण सही रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बाताया कि शासन के मिले निर्देश के अनुसार गुरुवार को जिले में होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस की जांच का अभियान शुरू किया गया है। अभियान के पहले दिन जिले में 23 होटल, रेस्तरां की जांच की गई। इनमें आरडीसी में आठ होटल, इंदिरापुरम क्षेत्र में पांच होटल, लोनी में दो होटल, मोदी नगर में चार होटल, साहिबाबाद में तीन होटल और भौपुरा में एक होटल की जांच की गई। इस दौरान होटल हवेली वसुन्धरा सेक्टर-तीन, हल्दीराम आरडीसी, होटल एडीआर आरडीसी, द क्लाक टावर आरडीसी दमकल संयंत्र सही से काम करते नहीं पाए गए। उन्हें नोटिस जारी करके दमकल संयंत्र सही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अन्य होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस को दमकल संयंत्र और दमकल उपकरण चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-प्रशिक्षण भी दिया गया
अभियान के दौरान होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउस में कार्यरत कर्मचारियों को दमकल उपकरण चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया। आग लगने पर क्या करें और अपने साथ अन्य लोगों को कैसे बचाएं, इस बारे में भी जानकारी दी गई। आग लगने के कारणों के कैसे कम करें इस बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बिजली और गैस की आग के दौरान क्या कार्रवाई की जानी चाहिए, इस बारे में भी लोगों को बताया गया।
--जिले में बिना एनओसी के चल रहे 83 होटल, गेस्ट हाउस
गाजियाबाद में दिल्ली के मालवीय नगर जैसा हादसा कभी भी हो सकता है। गाजियाबाद में 83 होटल व गेस्ट ऐसे हैं, जो दमकल विभाग की फायर एनओसी के बिना ही संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा खतरा बहुमंजिला इमारतों के बेसमेंट में चल रहे क्लाउड किचन से है। दिल्ली में हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने बिना एओसी वाले संस्थानों की सूची तैयार कर ली है। गुरुवार से जिले में होटल और रेस्तरां में अभियान शुरू किया जाएगा।
गाजियाबाद में 405 होटल व गेस्ट हाउस है, जिनमें से महज 322 के पास दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र है। 83 होटल दमकल विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना ही संचालित किए जा रहे हैं। इनमें अधिकांश होटल भीड़भाड़ वाले बाजारों और संकरी गलियों में बने हुए हैं। यदि इनमें आग लगने की घटना होती है तो बड़ा हादसा हो सकता है। कई होटल तक को दमकल की गाड़ी भी नहीं पहुंच सकती। दमकल विभाग की माने तो बिना एनओसी के चल रहे होटलों में आग बुझाने के कोई साधन नहीं हैं और जाने और आने का रास्ता भी एक व संकरा है। अधिकांश होटल चार या उससे अधिक मंजिल के बने हुए हैं। ऐसे होटलों की संख्या सबसे ज्यादा शहरी क्षेत्र में है। रेलवे स्टेशनों के पास इस तरह के होटलों की संख्या ज्यादा है। इनके संबंध में प्रशासन को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
--76 होटलों और गेस्ट हाउस को नोटिस
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि विभाग की ओर से चलाए गए अभियान के तहत जिले में 405 होटल चिह्नित किए थे। इनमें पाया गया कि 83 होटल बिना दमकल की एनओसी के संचालित हो रहे हैं। जिनके बारे में संबंधित विभाग को रिपोर्ट भी भेजी गई। इसके अलावा 76 होटलों में दकमल विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। होटलों में आग बुझाने के संयंत्र और अन्य खामियां पाई गई थीं। इनके अलावा सात होटल और गेस्ट हाउस के खिलाफ अदालत में वाद भी दायर किए गए हैं।
--सबसे बड़ा खतरा क्लाउड किचन
गाजियाबाद की अधिकांश बहुमंजिला इमारतों के बेसमेंट में क्लाउड किचन चल रहे हैं। इंदिरापुरम, कौशांबी, क्रॉसिंग रिपब्लिक और राजनगर एक्सटेंशन में इस तरह के क्लाउड किचन की संख्या सबसे ज्यादा है। इंदिरापुरम क्षेत्र में बहुमंजिला इमारतों के बेसमेंट में चल रहे क्लाउड किचन के संबंध में दमकल विभाग जीडीए को अपनी रिपोर्ट भी भेज चुका है। क्लाउड किचन में आग लगने पर पूरी इमारत में आग फैलने का खतरा बन जाता है। इस तरह की कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। दमकल विभाग की ओर से हाल ही में विभागीय जांच में 62 क्लाउड किचन चिह्नित किए गए थे। इनमें से 40 के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई की गई है।
--आग लगने के खतरे में देश में आठवें स्थान पर गाजियाबाद
केंद्र सरकार की स्टैंडिंग फायर एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार आग लगने के खतरे में मामले में गाजियाबाद देश में आठवें स्थान पर है। कमेटी ने देश भर में सर्वे के बाद अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। कमेटी ने सघन आबादी, आवासीय व औद्योगिक निर्माण के अलावा निर्माण में खामियां, पुराने निर्माण और संसाधन संबंधी बीस बिंदुओं पर देश भर में सर्वे किया था। रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद में बहुमंजिला इमारतें, संकरे रास्ते वाले बाजार, कॉलोनी और इमारतों के बेसमेंट में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के कारण गाजियाबाद में आग लगने का खतरा बहुत ज्यादा है। पूर्व में ऐसे कई हादसे भी हो चुके हैं।