सूर्या बुलेटिन
गाजियाबाद। शनिवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस और प्रशासन की टीम कनावनी पहुंची। यहां पहले ढोल बाजे के साथ मुनादी कराई गई। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वक्फ निरीक्षक कैलाश तिवारी ने मुनादी कराते हुए कहा कि यह मदरसा बिना मान्यता के संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा मदरसा पोर्टल पर भी पंजीकृत नहीं है। साथ ही अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा निगम से भी एनओसी नहीं ली गई थी। मदरसे में बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था भी नहीं थी। इसके बाद ही नोटिस चस्पा व सील करने की कार्रवाई की गई। वहीं मदरसा ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन ने कार्रवाई के संबंध में लिखित तौर पर कोई पूर्व सूचना न होने की बात कही है।
-50 बच्चों से छिनी छत, बढ़ीं मुश्किलें
ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन ने बताया कि मदरसे में करीब 100 बच्चे दीनी तालीम हासिल करते हैं। इनमें से करीब 50 बच्चे ऐसे हैं जो दूसरे राज्यों और शहरों के हैं। इनमें से भी कुछ यतीम हैं और कुछ के परिवार वाले आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। यह बच्चे यहीं मदरसे में रहते हैं और उनका पूरा खर्च ट्स्ट ही उठाता है। मदरसा सील होने की वजह से अब इन 50 बच्चों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अब उन्हें या तो किसी दूसरे मदरसे में शिफ्ट किया जाएगा या फिर कोई दूसरा विकल्प निकाला जाएगा। अल्ताफ हुसैन ने बताया कि पिछले तीन दिन से लगातार पुलिस वाले वहां पहुंचकर खाली करने की बात कह रहे थे। इसके लिए न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई लिखित सूचना। कहा कि अगर पहले से दस्तावेज मांगे जाते तो शायद यह कार्रवाई न होती।
-मांस फेंकते पकड़े गए थे मदरसे के बच्चे
कनावनी पुस्ता मार्ग पर 24 मई की दोपहर दो नाबालिग हिंडन नदी में मांस फेंकते पकड़े गए थे। इन्हें महापौर सुनीता दयाल ने पकड़ा था। जांच में सामने आया कि दोनों बच्चे जामिया कुल्फा ए राश्दीन मदरसे के ही थे। पूछताछ में यह भी पता चला था कि मदरसे के शिक्षक ने उन्हें तीन दिन से फ्रिज में रखे मांस को फेंकने के लिए भेजा था। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था।